कर्नाटक में लांच किया गया ‘अवलोकन’ सॉफ्टवेयर
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने हाल ही में ‘अवलोकन’ नामक सॉफ्टवेयर लॉन्च किया है। यह सॉफ्टवेयर राज्य सरकार को 1,800 कार्यक्रमों पर किए गए व्यय पर डेटा का उपयोग करने में सक्षम करेगा।
अवलोकन सॉफ्टवेयर क्या है?
यह एक पारदर्शी ई-गवर्नेंस उपकरण है जो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के लिए सरकारी अनुदान और आवंटन प्रदान करेगा। इससे सरकार को विभाग द्वारा किए गए खर्च के आधार पर धन जारी करने का निर्णय लेने में मदद मिलेगी। यह सॉफ्टवेयर सतत विकास लक्ष्यों और केंद्र प्रायोजित योजना पर एक केंद्रित दृष्टिकोण प्रदान करता है।
गुजरात ने ड्रैगन फ्रूट का नाम बदलकर ‘कमलम’ रखने का निर्णय लिया
हाल ही में गुजरात राज्य सरकार ने ड्रैगन फ्रूट का नाम ‘कमलम’ रखने का निर्णय लिया है। ड्रैगन फ्रूट एक जंगली कैक्टस की प्रजाति है जो अमेरिका का मूल निवासी है और इसे उन क्षेत्रों में पिथैया (pitahaya) कहा जाता है। फल देने वाली प्रजाति को पहली बार 1990 के बाद भारत में लाया गया था। गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल सहित भारत के कई राज्य में इसकी खेती की जाती है। हालांकि, भारत अपनी मांग को पूरा करने के लिए इस फल का आयात करता है।
गुजरात के मुख्यमंत्री के अनुसार, फल के आकार के कारण ड्रैगन फ्रूट का नाम बदलकर कमलम रखा गया है। उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट की बाहरी आकृति कमल के समान है। इसलिए, इसका नाम बदलकर ‘कमलम’ रखा गया है। इसके अलावा, नवसारी, कच्छ और अन्य क्षेत्रों के स्थानीय किसान इस फल को उगा रहे हैं, इसलिए इसे स्थानीय नाम दिया गया है। राज्य सरकार ने कमलम नामक फल के पेटेंट के लिए भी आवेदन किया है। मुख्यमंत्री बागवानी विकास मिशन के लांच पर इसकी घोषणा की। बागवानी विकास मिशन राज्य के अनुत्पादक क्षेत्रों में बागवानी को बढ़ावा देगा।
हावड़ा-कालका मेल का नाम “नेताजी एक्सप्रेस” रखा गया
भारतीय रेलवे की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक, हावड़ा-कालका मेल का नाम बदलकर ‘नेताजी एक्सप्रेस’ कर दिया गया है। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से कुछ दिन पहले भारतीय रेलवे ने ट्रेन का नाम बदल दिया है। भारत 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाएगा। हावड़ा-कालका मेल 19वीं शताब्दी में भारत में शुरुआती वाणिज्यिक यात्री ट्रेन सेवाओं में से एक के रूप में शुरू की गयी थी।
ऐसा माना जाता है कि वर्ष 1941 में कोलकाता में अपने घर से भागने के बाद नेताजी ने बिहार के गोमो से इस ट्रेन के द्वारा यात्रा की थी। पीएम मोदी नेताजी की जयंती के लिए कोलकाता जाएंगे।
पराक्रम दिवस
हाल ही में, संस्कृति मंत्रालय ने 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में घोषित किया है। अब से, हर साल इस दिन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के रूप में चिह्नित करने और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
उत्तराखंड ने मनरेगा कार्य दिवसों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 150 किया
उत्तराखंड सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत कार्य दिवसों की संख्या को मौजूदा 100 दिनों से बढ़ाकर 150 दिन करने की घोषणा की है।
मनरेगा के तहत कार्य दिवसों में वृद्धि की यह घोषणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की थी। मनरेगा कार्य दिवसों को बढ़ाने में आने वाली लागत का वहां उत्तराखंड सरकार द्वारा किया जायेगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य में अब तक 12.19 लाख जॉब कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं। इसमें से, वर्ष 2020 में 2.66 लाख जॉब कार्ड प्रदान किए गए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ‘उत्तराखंड आजीविका एप्प’ भी लॉन्च की है। यह एप्प राज्य के बेरोजगार लोगों को मदद प्रदान करेगी।
नरेगा को पहले प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव द्वारा वर्ष 1991 में किया गया था। मनरेगा वर्ष 2005 में पारित किया गया था। मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के लिए 100 दिनों का रोजगार प्रदान करना है।
भावना कंठ बनेंगी गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाली प्रथम महिला फाइटर पायलट
फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनेंगी। गौरतलब है कि वे भारत की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में से एक थीं।
भावना कंठ 2021 के गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायु सेना की झांकी का एक हिस्सा होंगी। वायुसेना हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, हल्के लड़ाकू विमान और सुखोई -30 लड़ाकू विमान का मॉक-अप प्रदर्शन करेगी। वर्तमान में, भावना कंठ राजस्थान में तैनात हैं और वे मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान उड़ाती हैं।
भावना कंठ वर्ष 2016 में भारतीय वायु सेना में शामिल होने वाली पहली महिला लड़ाकू पायलटों में से एक है। उन्हें 2016 में मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी के साथ भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। तब से 10 महिलाओं को भारतीय वायुसेना में लड़ाकू पायलट के रूप में नियुक्त किया गया है।
पहला ‘खेलो इंडिया ज़ास्कर विंटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल’ लद्दाख में शुरू हुआ
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने 21 जनवरी, 2021 को लद्दाख में प्रथम खेलो इंडिया ज़ांस्कर शीतकालीन खेल महोत्सव का उद्घाटन किया।
इस शीतकालीन खेल महोत्सव का उद्घाटन लद्दाख के कारगिल जिले के पदुम नामक स्थान पर किया गया है।
खेलो इंडिया जांस्कर शीतकालीन खेल महोत्सव 30 जनवरी को समाप्त होगा।
एडवेंचर स्पोर्ट्स और टूरिज्म की अपनी क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए इस फेस्टिवल को ज़ांस्कर में वार्षिक कार्यक्रम के रूप में पेश किया जा रहा है।
इस महोत्सव का उद्देश्य लद्दाख में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देना है।
इस फेस्टिवल की मुख्य विशेषताओं में आइस हॉकी, आइस क्लाइम्बिंग, स्नो स्कल्पचर, जमी हुई ज़ांस्कर नदी पर ट्रेकिंग और एथेनिक फूड फेस्टिवल शामिल हैं।
इसका आयोजन लद्दाख का प्रशासन कर रहा है।
गुजरात सरकार ने बागवानी विकास मिशन की घोषणा की
गुजरात के मुख्यमंत्री ने हाल ही में “Horticulture Development Mission” की घोषणा की। इसे “बागायत विकास मिशन” भी कहा जाता है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य बागवानी और औषधीय खेती में शामिल किसानों की आय को दोगुना करना है।
बागवानी विकास मिशन की प्रमुख विशेषताएं
इस मिशन के तहत, औषधीय और बागवानी फसलों की खेती के लिए गुजरात राज्य सरकार की बेकार पड़ी भूमि को तीस साल के पट्टे पर प्रदान किया जायेगा। आवंटन के लिए उपलब्ध बेकार भूमि की एक सूची I-Khedut पोर्टल पर जारी की जाएगी।
यह मिशन स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई का उपयोग करके किसानों को प्राथमिकता देगा।
इस मिशन का पहला चरण सुरेंद्रनगर, कच्छ, साबरकांठा और पाटन जिलों में लागू किया जायेगा।
इस मिशन के तहत भूमि रूपांतरण पर कर को माफ किया जायेगा।
इस मिशन ने लीज राशि 100 रुपये से 500 रुपये प्रति वर्ष प्रति एकड़ तय की है।
यह मिशन लीज धारकों को बिजली पैदा करने के लिए पवन चक्कियां और सौर पैनल स्थापित करने की अनुमति देता है।
पट्टे की अवधि समाप्त होने से पहले जमीन वापस कर दिए जाने पर किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। यहसमिति भूमि आवंटन पर अंतिम निर्णय करेगी।
इस मिशन के तहत भूमि पर हुई प्रगति का मूल्यांकन पांच वर्षों में किया जायेगा।
इस मिशन के तहत भूमि प्राप्त करने वाले किसान केवल फल और औषधीय पौधे ही उगा सकते हैं।वे नकदी फसलें या अनाज नहीं उगा सकते।
आई खेडुत पोर्टल (I Khedut Portal)
इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना है। इसके अलावा, यह मौसम की स्थिति, फसलों के बाजार मूल्य और अन्य जानकारी प्रदान करता है। किसान इस पोर्टल के माध्यम से भी ट्रैक्टर के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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